मा ैर्य कालीन प्रशासनिक व्यवस्था का स ं{िाप्त विवेचन Brief Consideration of Mauryan Administrative System
Anthology The Research: (ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 VOL- V * ISSUE- V * August - 2020 ) Paper Submission: 14/08/2020, Date of Acceptance: 26/08/2020, Date of Publication: 27/08/2020 अर्चना सिंह प्रवक्ता, डी0एल0एड0 विभाग, प्ंाचशील पी0जी0 काॅलेज इटौरा बुजुर्ग, रायबरेली, उत्तर प्रदेश, भारत Abstract मौर्य कालीन प ्रशासनिक व्यवस्था में जिस आदर्श की पराकाष्ठा को स्थापित किया वह प्राचीन भारतीय इतिहास की अनूठी उपलब्धि रही ह ै संप ूर्ण आर्या वर्त में अपने वर्चस्व का परचम लहराकर विखण्डित भारत का े अखण्डित स्वरुप प्रदान किया। विजित प्रदेशों के साथ-साथ साम्राज्य के सभी क्षे़त्रा ें पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए एक सशक्त प ्रशासन तंत्र की स्थापना की जिसका श्रेय महान विद्वान का ैटिल्य को ह ै। प्रशासन की सभी इकाईयां चाह े प ्रांत, नगर, या ग्राम सभी पर सम्राट का सीधा नियंत्रण था। सत्ता का केन्द्रीकरण हा े गया था। राजा का े असीमित अधिकारों की प ्राप्ति हा े गयी थी। जिससे हम सैधान्तिक रुप से राजा को निरंक...