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श्रमिको ं के उन्नयन हेतु ‘मनरेगा’ की सार्थक भ ूमिकाः एक आर्थि क विवेचन (छिन्दवाड ़ा जिले के विशेष संदर्भ मे ं) Meaningful Role of 'MNREGA' for Upgradation of Workers: An Economic Analysis (With Special Reference to Chhindwara District)

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Anthology : The Research  ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-5* Issue-12* March-2021 Paper Submission: 01/03/2021, Date of Acceptance: 21/03/2021, Date of Publication: 24/03/2021 रा ेशनी इ ंगा ेल े पा ेहकार सहायक प्राध्यापक, अर्थशास्त्र विभाग, ड ेनियलसन डिग्री काॅलेज, छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश, भारत                                               Abstract   सरकार द्वारा समय समय पर जनता के कल्याण क े लिये नीतियांे, योजनाओं और कार्यक्रमों का निर्मा ण किया जाता है। सरकारी योजनायें लगभग सभी क्ष ेत्रों ज ैसे- शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक आदि अन्य क्ष ेत्रों में बनती रहती है। ये सभी योजनायें अर्थव्यवस्था के विकास के लिये आवश्यक है। सभी विकासात्मक योजनाओं पर कार्य करना संभव नहीं है। अतः प्रस्तुत शा ेध पत्र में मनरेगा पर कार्य किया गया है। यह शा ेध कारोना संक्रमणकाल में छिन...

उच्च शिक्षा में सब्सिडी Subsidy in Higher Education

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 Anthology : The Research   ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-6* Issue-2* May- 2021    Paper Submission: 04/05/2021, Date of Acceptance: 15/05/2021, Date of Publication: 25/05/2021   सुमन मीणा सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, राजकीय महाविद्यालय, द ेवली, टोंक, राजस्थान, भारत                                                    Abstract   भारत जैसे विकासशील देशा ें में अन्य विकसित देशा ें की तुलना में उच्च शिक्षा का े प्राथमिक शिक्षा की तुलना में कम प्राथमिकता दी जाती हैं। जबकि उच्चतर शिक्षा ही वह तकनीकी कुशलता प्रदान करती ह ैं जा े किसी देश के विकास में मुख्य भ ूमिका निभाती ह ैं।चिकित्सा, अभिया ंत्रिकी, अनुस ंधान, शोध, प्रशासन इन सभी में तकनीकी व सामाजिक कुशलता की आवश्यकता होती ह ैं, जा े कि उच्च श...

महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता सम ूह Women Empowerment and Self Help Groups

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   Innovation : The Research Concept  ISSN No. 2456–5474   RNI No. UPBIL/2016/68367 VOL- VI * ISSUE- IV * May - 2021       अनुपमा दीक्षित सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग, श्री कल्याण राजकीय कन्या महाविद्याालय, सीकर, राजस्थान, भारत                                                    Abstract   महिलाओं की स्थिति देश के विकास को प ्रदर्शित करती है। विश्व का का ेई भी देश महिलाओं का े हासिए पर रख कर अपना आर्थिक विकास नही कर सकता ह ै। महिलाआ ें का े देश के विकास की मुख्यधारा मे जा ेडना ही होगा। इन्हें सशक्त बनाने के लिए उन्हें निणर्य सक्षम बनाना होगा। सामाजिक, आर्थिक, राजनीति आ ैर स्वयं के जीवन मे निणर्य लेने की क्षमता ही सशक्तिकरण ह ै। सयंुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 8 मार्च 1975 से अन्तर्रा ष्ट...

Sale and Minimum Support Price of Agricultural Produce in India (MSP) A Study

 Remarking An Analisation  ISSN NO.: 2394-0344 RNI No.UPBIL/2016/67980 VOL-6* ISSUE-2* May- 2021 Paper Submission: 03/05/2021, Date of Acceptance: 14/05/2021, Date of Publication: 25/05/2021 नीलू क ुमारी एसोसिएट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, श0 दु 0 म0 राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, द ेहरादून, उत्तराखण्ड, भारत                                                        Abstract कृषि उपज की कीमतों में उतार-चढ़ाव के अर्थ व्यवस्था पर र्कइ  ब ुरे प्रभाव पड ़ते ह ैं। जहां एक ओर कृषि उत्पाद की कीमत में ज्यादा गिरावट आने से उत्पादका ें पर ब ुरा प्रभाव पड ़ता ह ै और वे अधिक उत्पादन करने के लिए हता ेत्साहित होते ह ै ं वहीं दूसरी आ ेर कृषि उपज की कीमत अधिक बढ़ने स े उपभोक्ताओं पर ब ुरे प्रभाव पड़ते ह ैं आ ैर उसे अपने अ...

बै ंको ं के निजीकरण का औचित्य The Rationale for Privatization of Banks

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 Remarking An Analisation  ISSN NO.: 2394-0344 RNI No.UPBIL/2016/67980  VOL-6* ISSUE-3* June- 2021 Paper Submission: 02/06/2021, Date of Acceptance: 14/06/2021, Date of Publication: 23/06/2021 रीता सि ंह सहायक प्राध्यापक, अर्थशास्त्र विभाग, एम.जी. शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खरसिया, रायगढ़, छत्तीसगढ, भारत                                                    Abstract   ब ैंका ें का एक मात्र लक्ष्य लाभ नहीं हा ेता। अतः निजीकरण कर देन े से समस्या का समाधान नही ं हा े सकता, इसके लिए विभिन्न पहलुओं पर ध्यान देना होगा आ ैर विद्यमान कमियों का े दूर करने का प्रयास करना चाहिए। अगर सरकार आर्थिक विकास का े लेकर गंभीर ह ै तो सार्वजनिक क्षेत्र के ब ै ंकों का े मजब ूत किया जाना चाहिए। ब ैंकों के निजीकरण का सरकार की कल्याणकारी छवि पर नकारात्मक प ्रभाव पड़ सकता ह ै। Banks do not have the only motive of earning profits. Therefore privatization ...