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पूर्वमध्यकाल मे ं नारी की स्थिति (सन् 700 ई॰ से 1200 ई॰ तक) Status of women During the Early MedievalPeriod (From 700 AD to 1200 AD)

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  Anthology : The Research  ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-6* Issue-3* June- 2021 Paper Submission: 02/06/2021, Date of Acceptance: 15/06/2021, Date of Publication: 25/06/2021 अरविन्द कुमार चौधरी पूर्व शोध छात्र प्राचीन इतिहास, डॉ0 राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या, उत्तर प्रदेश, भारत                                                Abstract   प ूर्वमध्य काल में परिवारा ें में पितृसत्तात्मक स्थिति सुदृढ़ बनी र्ह ुइ  थी। स्त्रिया ें के अधिकारों में त ेजी से कमी आती जा रही थी आ ैर स्त्रिया ें की स्थिति घरा े के चाहरदिवारी में घिरती जा रही थी। उनकी शिक्षण व्यवस्था दयनीय हो गयी थी। कतिपय उच्च घरों की स्त्रिया ें या राजवंशा ें की स्त्रिया ें को ही शिक्षा प ्राप्त करने का अधिकार प्राप्त होता था। बालविवाह, सती प्रथा, बह ु-विवाह आदि...

सैन्धव सभ्यता का एक धार्मिक कृत्य: वृषभ मेध A Religious Act of The Sandhav Civilization: Taurus Merit

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  Anthology The Research: (ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-5* Issue-9* December-2020)   Paper Submission: 00/00/2020, Date of Acceptance: 00/00/2020, Date of Publication: 00/00/2020   ध्यान ेन्द्र नारायण द ूब े सहयुक्त आचार्य, प्राचीन इतिहास, पुरातत्व एवं संस्क ृति विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर वि‛वविद्यालय, गोरखपुर, उत्तर प्रदे‛ा, भारत Abstract   सै ंधव व ैदिक दा े विपरीत स्वभाव वालीं सस्कृतिया ं ह ैं एक नगरीय ता े दूसरी ग्रामीण। वृषभ का महत्व दा ेना ें ही सभ्यताओं में समानरुप से दिखलाई पड़ता ह ै एक ओर वह कृषि के लिए साधन ह ै ता े व्यापार के लिये वाहक ।सैंधव सभ्यता के खिलौने आ ैर मुहरों पर बह ुतायत संख्या में व ृषभ का मिलना इस बात का संकेत करता है कि वह ला ेक आस्था से जुड़ा पश ु था ।वैदिक ग्रन्थ इस बात के साक्षी ह ै कि व ृषभ कृषि के साथ ही धन तथा बल दा ेना ें का प्रतीक था रा ेचक बात यह ह ै कि त्रिशीर्ष परम्परा जिसका उल्लेख श्र ृग्वेद ,तैत्रिरीय आरण्यक ,शतपथ ब ्राह्मण ,का ेषितकी ब ्राह्मण में मिलता ह ै ।वर्ह इ रानी धर्म ग्रन्थ अवेस्ता में भी थिज्र...