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अनुसूचित जाति श्रमिक प्रवास का आर्थि क प्रभावः भोजपुर जिला का जा ेगता ग्राम प ंचायत पर आधरित एक भौगोलिक अध्ययन Economic Impact of Scheduled Caste Labor Migration: A Geographical Study Based on Jogta Gram Panchayat of Bhojpur District

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 Anthology : The Research  ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-5* Issue-12* March-2021 Paper Submission: 03/03/2021, Date of Acceptance: 21/03/2021, Date of Publication: 24/03/2021 अतुल कुमार ॉाोधार्थी, भूगोल विभाग, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, बिहार, भारत           Abstract     प्रवास एक प्रक्रिया है जिसमें एक भा ैगोलिक इकाई की जनसंख्या से दूसरे भा ैगोलिक इकाई की जनसंख्या में पलायन हा ेता ह ै। भारतवर्ष  में क्षेत्रीय विकास एक समान नहीं ह ुआ ह ै । इसलिए कुछ क्षेत्र मे ं ज्यादा विकास हुआ है ता े कुछ क्षेत्र बह ुत ही कम विकसित हुए हैं। परिणाम स्वरूप कम विकसित क्षेत्रा ें के लोग अधिक विकसित क्षेत्रा ें में रा ेजगार की तलाश में जाते रहते हैं। प्रस्तुत अध्ययन क्षेत्र बिहार राज्य का एक बाढ़ तथा सुखाड ़ प्रभावित क्षेत्र क े अ ंतर्गत आता ह ै। यहां के लोग बहुत ही गरीब है ं इसलिए अधिक विकसित क्षेत्रा ें जैसे दिल्ली प ंजाब, गुजरात तथा महाराष्ट्र में बाहृय प्रवास करते ह ै ं तथा वहां की अपनी आमदनी का कुछ हिस्सा बचा कर अपने घर भेजते ...

पर्यावरण संरक्षण मे ं ज ैविक कृषि की भ ूमिका (इ ंदौर जिले की देपालप ुर तहसील के संदर्भ में) Role of Organic Agriculture in Environmental Protection (With Reference to Depalpur Tehsil of Indore District)

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 Shrinkhla Ek Shodhparak Vaicharik Patrika  ISSN NO.: 2321-290X RNI : UPBIL/2013/55327 VOL-8* ISSUE-8* April- 2021 Paper Submission: 02/04/2021, Date of Acceptance: 16/04/2021, Date of Publication: 26/04/2021   धर्म ेन्द्र सिंह चैहान शोध छात्र, भूगोल विभाग, द ेवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत विजया अग ्रवाल प्रोफेसर, भूगोल विभाग, श्री अटल बिहारी वाजपेयी गवर्नमेंट आर्ट ्स एंड कॉमर्स कॉलेज, द ेवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत                                                    Abstract   प ्रस्तुत शोध पत्र में जैविक कृषि की उपया ेगिता का पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान बताया गया। इस अध्ययन ह ेतु इंदा ैर जिले की देपालपुर तहसील के 10 ग्रामा ें को चुना गया तथा प्रत्येक ग्राम से 5 जैविक कृषि में संलग्न परिवारों से प ्राथमिक आँकड ़े एकत्रित किये गये। शोधपत्र में जैविक कृषि क्षेत्र, जैविक रासायनिक कृषि का ...

पशुधन विकास की राजस्थान राज्य मे वर्तमान आर्थिक समीक्षा Current Economic Review of Livestock Development in Rajasthan State

Anthology : The Research  ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-6* Issue-2* May- 2021 Paper Submission: 02/05/2021, Date of Acceptance: 13/05/2021, Date of Publication: 24/05/2021 नीलू चतुर्व ेदी शोध छात्रा, भूगोल विभाग, महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर, राजस्थान, भारत                                                    Abstract   भूगोल भूतल पर हा ेने वाली भा ैतिक व मानवीय अन्तः क्रियाओं का अध्ययन है। मानव ने भूतल पर अपने कार्यों से भा ैतिक तत्वों मंे परिवर्तन करके आर्थिक व सांस्कृतिक भू-दृश्यों का विकास किया है। भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से क ृषि आधारित है। कृषि न क ेवल कृषक समुदाय क े जीवन-यापन का साधन है अपितु विभिन्न उद्योगों के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध करवाती है। देश की कुल जनसंख्या का दो तिहाई भाग वर्तमान...

मिर्जापुर जनपद में मनरेगा और ग्रामीण-शहरी प्रवास MNREGA And Rural-Urban Migration in Mirzapur District

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  Innovation : The Research Concept  ISSN No. 2456–5474   RNI No. UPBIL/2016/68367 VOL- VI * ISSUE- IV * May - 2021    Paper Submission: 03/03/2021, Date ofAcceptance: 24/03/2021, Date of Publication: 25/03/2021   मना ेज कुमार सिंह एसोसिएट प्रोफेसर, भूगोल विभाग, टी. डी. पी. जी. कालेज, जौनपुर उ॰प्र॰, भारत स ंदीप सरा ेज शोध छात्र, भूगोल विभाग, टी. डी. पी. जी. कालेज, जौनपुर उ॰प्र॰, भारत                                                      Abstract   मनरेगा या ेजना यू पी ए सरकार का एक प्रमुख कल्याण कार्यक्रम है आ ैर भारत में ही ं नहीं अपितु विश्व में भी अपनी तरह की सबसे बड ़ी या ेजना ह ै। मनरेगा में रा ेजगार के साथ हीं साथ मौसमी ग्रामीण - नगरीय प्रवास को कम करने से इसका सकारात्मक प्रभाव...

भारत के संदर्भ में पर्यटकों के राज्यवार आनुपातिक प्रतिनिधित्व का विश्लेषणात्मक अध्ययन Analytical Study of State-Wise Proportional Representation of Tourists In The Context of India

  Anthology The Research: (ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-5* Issue-10* January-2021) Paper Submission: 15/01/2021, Date of Acceptance: 26/01/2021, Date of Publication: 27/01/2021   भुन ेश्वर टेंभर े प्राध्यापक, भूगोल विभाग, रानी दुर्गावती शासकीय स्नातकोत्तर महाविघालय, मण्डला, म.प्र., भारत Abstract          वर्तमान समय में पर्यटन केन्द्रा ें का े इस तरह से विकसित किया जा रहा ह ै कि पर्यटकों को न केवल संप ूर्ण आनंद प ्राप्त हो सक े, अपितु पर्यटक अपने आपको शारीरिक रूप से स्फ ूर्त, मानसिक रूप से तरूण, सा ंस्कृतिक रूप से समृद्ध एवं अ ंतरमन से पर्यटन केन्द्रा ें को देखने के साथ-साथ महसूस भी कर सकें। परिणामतः वर्तमान समय में पर्यटन मात्र मौज मस्ती का नाम नहीं रह गया ह ै अपितु संस्कृति के आदान-प ्रदान के साथ-साथ विदेशी मुद्रा अर्जन का भी सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। भारत अपनी विविधतापूर्ण समृद्ध ए ेतिहासिक एवं सा ंस्कृतिक विरासत, असीम नैसर्गिक एवं श्वासरा ेधक सा ैंदर्य, जैवविविधता, धार्मिक एवं पवित्र स्थाना ें से ओत-प्रा ेत भ ू-दृश्य ह ैं। इस...