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ष्स ंकल्प शक्ति आ ैर अभाव: उपलब्धि आजाद हिन्द फौज कीष् Resolve Power and Lack: Achievement of Azad Hind Fauj.

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  Anthology The Research: (ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 VOL- V * ISSUE- V * August - 2020   ) Paper Submission: 15/08/2020, Date of Acceptance: 25/08/2020, Date of Publication: 26/08/2020     प ूजा शर्मा  शोधार्थी, इतिहास अध्ययन शाला, पं- रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर छत्तीसÛढ़, भारत डी.एन.खुट े शोध निर्द ेशक एवं सहायक प्राध्यापक, इतिहास अध्ययन शाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर छत्तीसगढ़, भारत Abstract   किसी महान उद्देश्य की प ्राप्ति के लि, साधना ें का सीमित होना उतनी बड़ी समस्या नहीं हा ेती, जितनी अपने सि)ांता ें, नैतिकता आ ैर आत्मसम्मान का े जीवित रखते ह ु, उस उद्देश्य की प ूर्ति के लि, सहायता प ्राप्त करना ह ै। ब्रिटिश साम्राज्य जैसी महान शक्ति, जिसका सूर्य कभी अस्त नहीं होता था, को झुकाने के लि, पर्याप्त विदेशी समर्थ न आ ैर सशस्= सं?ार्ष की आवश्यकता थी, तत्कालीन परिस्थितियों में यह दुष्कर कार्य था। नेताजी ने अपनी कूटनीतिक कौशल से न केवल राजनयिक समर्थ न आ ैर आर्थि क सहायता प ्राप्त की, अपितु अपने उच्च का ेटि के प ्रबंध...

एक झलक: राजप ूत स्त्रियों का गौरवमयी आचरण A Glance: Proud Behavior of Rajput Women

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  Anthology The Research: (ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-5* Issue-8* November-2020)   Paper Submission: 15/11/2020, Date of Acceptance: 26/11/2020, Date of Publication: 27/11/2020   स्न ेही श्रीवास्तव  शोध छात्रा,  इतिहास विभाग,  मड़ियाहँू पी. जी. काॅलेज,  मड़ियाहँू, जौनपुर  उत्तर प्रदेश, भारत Abstract  वीर प ्रसूता राजपूतीय अस्मिता जहाँ एक गा ैरवमयी इतिहास अदम्यशौर्य का प्रमाण है, वही इसकी तरफ जीवंत परम्परा, समृद्धकला, क्षत्राणियों की गा ैरवगाथा उनके सम्मान, बलिदान, सांस्कृतिक तीज-त्या ेहार रंग-बिरंगी भ ेषभूषा ने राजपूतीय संस्कृति की छटा को दुनियाभर में एक अलग रंग बिखेरा ह   Veer Maternity Rajput Asmita While a glorious history is the proof of indomitable beauty, on the same side its vibrant tradition, rich art, glorification of Kshatriyans, their honor, sacrifice, cultural festivals and colorful colorful dress has spread the color of Rajput culture in a different color all over the world for full paper please visit be...

भारतीय शिक्षा मे ं स्वामी दयानन्द सरस्वती का योगदान Swami Dayanand Saraswati's Contribution to Indian Education

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  Anthology The Research: (ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-5* Issue-8* November-2020)   Paper Submission: 15/11/2020, Date of Acceptance: 26/11/2020, Date of Publication: 27/11/2020   प्रतिभा यादव शोधार्थिनी इतिहास विभाग, मड़ियाहूँ पी0जी0कालेज मड़ियाहूँ, जौनपुर,उ0प्र0,भारत ं Abstract   स्वामी दयानंद सरस्वती उन महान संतो म ें से एक ह ै जिन्होंने देश म ें प ्रचलित अंधविश्वास, रूढ़िवादिता, विभिन्न प ्रकार के आडम्बरा े व सभी अमानवीय आचरणा ें का विरोध किया। हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप मंे मान्यता देने तथा हिन्दू धर्म के उत्थान एवं इसक े स्वाभिमान को जगाने ह ेतु स्वामी जी के महत्वपूर्ण योगदान के लिये भारतीय जनमानस सदैव उनका ऋणी रहेगा। स्वामी दयानन्द सरस्वती के शिक्षा सम्बन्धी विचार तथा उनके द्वारा किये गय े सामाजिक उन्नति पर अध्ययन करना अति आवश्यक है। जिसका विवरण विभिन्न रचनात्मक प्रयोगा ंे का े समग्रता से शामिल करते ह ुये उनपर विचार किया गया है। Swami Dayanand Saraswati is one of the great saints who opposed the superstitions, orthodoxies, various type...

आदिवासियो ं मे ं गोदना स ंस्कारऋ एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण Tattoo Sacrament In Tribes _ One Scientific Vision"

  Anthology The Research: (ISSN: 2456–4397 RNI No.UPBIL/2016/68067 Vol-5* Issue-8* November-2020)   Paper Submission: 15/11/2020, Date of Acceptance: 26/11/2020, Date of Publication: 28/11/2020 प्रियंका साह ू सहायक प्रोफेसर इतिहास विभाग, गवर्नमेंट मॉडल कॉलेज, शाहपुरा, डिंडोरी, भारत   Abstract   आदिवासियों में गा ेदना भले ही एक श्रृंगार परक संस्कार प्रतीत होता ह ै, परंतु यह अपने अ ंदर विविध दृष्टिका ेणों का े समाहित किया ह ुआ ह ै। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण में जहा ं गोदना वह अभिव्यक्ति ह ै जा े जाति चिन्हों के रूप में व्यक्ति का े सुरक्षा भाव में संप ृक्त करता ह ै। वही ं सामाजिक दृष्टिकोण में यह समुदाय से जुड़ाव की भावनाए समाज में सम्मान प्राप्ति की अवधारणाएं सा ैंदर्य व ृद्धि की अवधारणा, तथा अलौकिक मान्यताओं व विश्वास से संब ंधित ह ै। पारंपरिक रूपाकारों में चित्रित किए जाने वाले यह गा ेदने देवताओं का े प्रसन्न करने वाले सौभाग्य को प्रदान करने वाले तथा शरीर को स्वस्थ रखने वाले भी होते ह ै। वहीं व ैज्ञानिक दृष्टिका ेण से देख ें ता े गा ेदना का चिकित्सीय महत्व भी बह ुत...