भक्ति रसायन में भक्ति रस विमर्श
Periodic Research (P: ISSN No. 2231-0045
RNI No. UPBIL/2012/55438 VOL.-6, ISSUE-4, May-2018 E: ISSN No. 2349-9435)
Abstract
एसोसिएट प्रोफेसर,
संस्कृत विभाग,
जामिया मिल्लिया इस्लामिया,
नई दिल्ली, भारत
मध ुसूदन सरस्वती ने भक्ति को रसायन अर्था त् आ ैषधि माना ह ै!
उनका भक्तिरूप आ ैषधि केवल किसी रोग विशेष का नहीं अपितु समस्त रा ेगा ें
के ह ेतु जन्म-मरण से मुक्त करती ह ै। जिसके बाद रा ेगा े से प ुनरू पीडित हा ेने
की सम्भावना भी समाप्त हो जाती है। इससे ब ्रह्मानन्द रूप तंदुरूस्ती प्राप्त
होता ह ै। भगवत्साक्षात्कार ही प्रस्तुत ग्रन्थ का प्रयोजन ह ै। भक्ति रसायन में
१४७ कारिका हैं तथा तीन उल्लासों में यह विभक्त है! समस्त ग्र ंथ पद्यात्मक
है।
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