महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण मे धर्म
Periodic Research (P: ISSN No. 2231-0045
RNI No. UPBIL/2012/55438 VOL. -V, ISSUE-II, November-2016 E: ISSN No. 2349-9435)
Abstract
असिस्टेन्ट प्रोफेसर,
संस्कृत विभाग,
डी0 ए0 वी0 पी0जी0 कालेज,
लखनऊ विश्वविद्यालय,
लखनऊ
इस प्रकार धर्म मानव जीवन का अनिवार्य अंग ह ै। धर्म स्व से
उठकर अपनी आत्मा का सर्व व्यापक जगत आत्मा के साथ संब ंध स्थापित
करता ह ै। रामायण में मानव कल्याण सम्बन्धी अनेक धार्मिक नीतियों का
आख्यान ह ै जो वर्तमान समय म ें भी समाज और हमारे जीवन को दशा और
दिशा प्रदान करता ह ै।
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