आधुनिक स्थापत्य कला का स्रोत-वैदिक युग (Vedic Yuga – The Inspiration Behind Modern Architecture)
Srinkhala Ek Sodhparak
Vaicharik Patrika (P: ISSN NO.: 2321-290X RNI : UPBIL/2013/55327
VOL-7* ISSUE-11* July- 2020 E: ISSN NO.: 2349-980X)
Paper Submission: 05/07/2020, Date of Acceptance: 23/07/2020, Date of Publication: 27/07/2020
Abstract
अंजू सेठ
एसोसिएट प्रोफेसर,
संस्कृत विभाग,
सत्यवती महाविद्यालय,
दिल्ली, भारत
ेद ज्ञान के रत्नाकर है ं। सभी कलाएं एवं विद्याए ं व ेद निसृत है ं जो
विविध आयामों एवं अनन्त दिशाओं का े प्राप्त कर सर्वाङ्गीणता का े प्राप्त करती
ह ैं। त्रिकाला तीत स्थापत्य कला के व ैदिक युगीन उपलब्ध तथ्यों का े मूल
उद्धरणों के माध्यम से विव ेचित करना एवं वर्तमान युगीन गृह निर्मा ण एवं
स्थापत्य कला संबंधी तथ्यों का विवेचनात्मक विश्लेषणात्मक एव ं तुलनात्मक
अध्ययन प्रस्तुत कर काल जयी व ैदिक युगीन स्थापत्य कला की विशिष्टता
प्रदर्शित करना तथा वर्तमान स्थापत्य कला के सिद्धान्तों का स्रा ेत व ैदिक मन्त्रों
के माध्यम से प्रदर्शि त कर विव ेचित करना ही इस लेख का परम उद्द ेश्य ह ै।
The Vedas are the reservoir of all the knowledge man has acquired till date. All the branches of arts have their origin and source in Vedas. The paper aims at exploring the varied traditions of arts, their vedic references and aspects and to trace the continuous existence of these vedic arts in Indian as well as Western spheres.
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